डॉ. विजय सोनकर शास्त्री
FormerCategory: अन्य जनप्रतिनिधि
Position: Lok Sabha MP
Seniority: National Level
Joining Date: -
Total Assets:
₹ -
Annual Income:
₹ -
Liabilities:
₹ -
Loans:
₹ -
Qualification: -
School: -
College: -
University: -
Passing Year: -
State: UTTAR PRADESH
District: JAUNPUR
Constituency: 371
Type: Lok Sabha
<p><strong><span style="font-size:28px">डॉ. बिजय सोनकर शास्त्री</span></strong></p> <p> </p> <p>डॉ. बिजय सोनकर शास्त्री भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद, शिक्षाविद्, लेखक एवं सामाजिक समरसता के प्रखर विचारक हैं। उन्होंने भारतीय राजनीति, सामाजिक न्याय, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के अधिकारों, राष्ट्र निर्माण तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। वे उत्तर प्रदेश के **वाराणसी लोकसभा क्षेत्र से 13वीं लोकसभा के सांसद रहे और अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान जनहित से जुड़े 500 से अधिक प्रश्न संसद में उठाकर सक्रिय एवं प्रभावी जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी पहचान बनाई। </p> <p><span style="font-size:20px"><strong>प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा</strong></span></p> <p>डॉ. बिजय सोनकर शास्त्री का जन्म 24 सितम्बर 1959 को हुआ। उन्होंने बी.ए., एम.बी.ए.की शिक्षा प्राप्त करने के बाद काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी से प्रबंधन (Management) में पीएच.डी. की उपाधि अर्जित की। इसके अतिरिक्त उन्होंने सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी से 'शास्त्री' की उपाधि भी प्राप्त की, जिसने उनके व्यक्तित्व को भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक प्रबंधन शिक्षा का अद्वितीय समन्वय प्रदान किया। </p> <p><span style="font-size:20px"><strong>राजनीतिक जीवन</strong></span></p> <p>डॉ. शास्त्री का राजनीतिक जीवन संगठनात्मक नेतृत्व और जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। वे भारतीय जनता पार्टी में अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं, जिनमें—</p> <ul> <li><strong>पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता (BJP)</strong></li> <li><strong>पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष</strong></li> <li><strong>पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य</strong></li> <li><strong>पूर्व सांसद, 13वीं लोकसभा (वाराणसी)</strong></li> <li><strong>वर्ष 2010 से "मोदी फॉर पीएम" संगठन के मुख्य संरक्षक</strong></li> </ul> <p>उन्होंने संगठन के विस्तार, सामाजिक समावेशन तथा राष्ट्रहित के मुद्दों को मजबूती से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सांसद के रूप में उन्होंने विकास, सामाजिक न्याय, शिक्षा, अनुसूचित वर्गों के अधिकार तथा राष्ट्रीय एकता से जुड़े अनेक विषय संसद में प्रभावी ढंग से उठाए। </p> <p><span style="font-size:20px"><strong>अनुसूचित जाति एवं जनजाति के उत्थान में योगदान</strong></span></p> <p>वर्ष 2000 से 2004 तक डॉ. बिजय सोनकर शास्त्री ने भारत सरकार के राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग (National Commission for SC & ST) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इस दायित्व के दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक न्याय, संवैधानिक संरक्षण तथा कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अनेक नीतिगत पहल कीं। वे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य भी रहे और समाज के वंचित वर्गों के हितों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाई। </p> <p><span style="font-size:20px"><strong> संगठनात्मक एवं सामाजिक दायित्व</strong></span></p> <p>राजनीतिक जीवन के अतिरिक्त डॉ. शास्त्री ने अनेक राष्ट्रीय सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। वे संस्कार भारती स्वदेशी जागरण मंच तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद (ARSP) से जुड़े रहे। वर्तमान में वे श्री महाविद्या योगपीठम् के अध्यक्ष तथा 'दलित आंदोलन' पत्रिका के मुख्य संपादक के रूप में भी समाज एवं विचार जगत में सक्रिय हैं। </p> <p><span style="font-size:20px"><strong>साहित्य एवं वैचारिक योगदान</strong></span></p> <p>डॉ. बिजय सोनकर शास्त्री एक प्रतिष्ठित लेखक और चिंतक हैं। उन्होंने **20 से अधिक पुस्तकों** की रचना की है, जिनकी प्रस्तावनाएँ देश के अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नेताओं एवं विद्वानों द्वारा लिखी गई हैं। उन्होंने **'श्रीकृष्ण चरितमानस'** जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथ का संपादन भी किया है। उनके लेखन का केंद्र भारतीय संस्कृति, सामाजिक न्याय, राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता तथा वैचारिक जागरण रहा है। </p> <p><span style="font-size:20px"><strong>सामाजिक समरसता का सिद्धांत</strong></span></p> <p>डॉ. शास्त्री ने "सामाजिक समरसता शास्त्र (Science of Social Harmony)" की अवधारणा प्रस्तुत की, जिसका उद्देश्य जातिवाद, नस्लवाद तथा आर्थिक असमानता जैसी वैश्विक सामाजिक चुनौतियों का स्थायी समाधान प्रस्तुत करना है। यह विषय सामाजिक समरसता पर आधारित एक नए शैक्षणिक एवं वैचारिक दृष्टिकोण के रूप में विकसित किया जा रहा है। </p> <p><span style="font-size:20px"><strong>अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व</strong></span></p> <p>डॉ. बिजय सोनकर शास्त्री ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अमेरिका, रूस, फ्रांस, जर्मनी, इटली, हंगरी, दक्षिण कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात, नेपाल, बांग्लादेश सहित अनेक देशों की यात्राएँ कीं। इन यात्राओं के माध्यम से उन्होंने भारतीय संस्कृति, हिंदू दर्शन, सामाजिक समरसता तथा वैश्विक भारतीय समुदाय के बीच संवाद को सुदृढ़ करने का कार्य किया। वर्ष 1999 में वे भारतीय युवा सांसदों के राजनयिक प्रतिनिधिमंडल का भी हिस्सा रहे। </p> <p><span style="font-size:20px"><strong>व्यक्तित्व एवं विरासत</strong></span></p> <p>डॉ. बिजय सोनकर शास्त्री का सार्वजनिक जीवन शिक्षा, राजनीति, साहित्य, सामाजिक सेवा और वैचारिक नेतृत्व का समन्वित उदाहरण है। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय, अनुसूचित वर्गों के सशक्तिकरण तथा भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य किया है। एक सांसद, संगठनकर्ता, लेखक और समाज सुधारक के रूप में उनका योगदान भारतीय सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।</p>
Occupation: SOCIAL WORKER
Profession Category: Social Worker
Business: -
Social Worker: -
Entrepreneur: -
Father: -
Mother: -
Spouse: -
Political Family: No
Total Cases: 0
Serious Cases: 0
Pending Cases: 0
IPC Sections: -
FIR Number: -
Case Status: -
Court Name: -
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